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बोलो टीम अन्ना भीड़ क्यों नही जुटी ?

Posted On: 27 Jul, 2012 Others में

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सभी को मेरी नमस्कार ………
कई दिनों में बंदा फिर हाजिर है असम में दंगे हो रहे हैं कोसी दंगो की तस्वीर को अभी भुला नही हूँ ! सोच रहा था इस दुःख की घडी में क्या लिखू तभी मन में एक विचार आया देश जल रहा है लेकिन देश चल रहा है ! फिर सोचा चलो अगस्त नजदीक है और अनशन का दोर चल पडा है चलो उस पर लिखता हूँ ! तो बन्दे ने लिखना आरम्भ किया अपनी ज्ञान बाटू कलम का शुभारम्भ किया !

बोलो टीम अन्ना भीड़ क्यों नही जुटी ?

अन्ना की टीम ने अनशन किया है इस बार अनशन पर अब तक अन्ना नही बैठे हैं ! दरअसल अन्ना हजारे पहले जन्तर मन्त्र और रामलीला में अनशन कर चुके हैं लेकिन अब की बार कमान संभाली है तिकड़ी ने ! अनशन के दुसरे ही दिन केजरीवाल की तबियत खराब बताई गयी ! चलिए छोड़िए ………
मीडिया बार बार चिल्ला रहा है टीम अन्ना का फ्लॉप शो और जी न्यूज़ कह रहा है जन्तर मन्त्र जनता छु मन्त्र ! लेकिन मै पूछता हूँ इस देश का आम आदमी होने के नाते …….बोलो टीम अन्ना भीड़ क्यों नही जुटी ?
चलो छोड़ो क्या पता कोई बोले न बोले मै ही लिख देता हूँ ! दरअसल ये भीड़ कोई भेड़ बकरियों की भीड़ nही थी जिसे बहला फुसलाकर लाया जाए या फिर लाठी डंडे से मार पीटकर लाया जा सके ! ये भीड़ थी उस आम आदमी की जो सिस्टम से दुखी था भ्रष्टाचारियो से दुखी था ! वह कोई भाषण सुनने के लिए या फिर तम्बू में अन्ना को देखने के लिए नही जेब से पैसे खर्च कर पहुचता था और न ही मीडिया के कैमरों में अपनी फोटो के लिए ! वह दुखिया तो इस उम्मीद से अनशन नगरी के तम्बुओ में गया था की हाँ अब उसे भ्रष्ट वयवस्था से मुक्ति मिलेगी ! हाँ अब उसे तुष्टिकर्ण की नीतियों से मुक्ति दिलाने वाली आवाज मिलेगी …………………..
वह गया तीन अनशनो में गया न वह ! पहले बाबा रामदेव के सत्यग्रह में गया उसे आस जगी उसे रावण की सुंडी मिली जिसमे वह तीर मारने को बेताब था ! लेकिन धरती पर टीम अन्ना अवतरित हुई उसने जनता को कहा देखो रावण के कितने चहरे हैं , कितने रूप हैं ! देखो …….दस चेहरों वाला रावण कलमाड़ी , शीला , चिदम्बरम , राजा फलाँ – फलाँ ! जनता का ध्यान भटकने लगा ! जनता रावण की सुंडी को छोड़ रावण के दस रूपों को खत्म करने लगी ! लेकिन हर रूप को खत्म करने बावजूद ज़िंदा रहा वही दस सर वाला एक रावण ,,,,,भ्रष्टाचार !
अब जनता हारने लगी केजरीवाल की टोपी पहनू रणनीति और भारत माता के चित्र हटाऊ ,मुस्लिम पटाऊ ,संघ को गरियाऊ , बाबा पर आरोप लगाऊ रणनीति को समझने लगी ! और अंत में अगस्त से अगस्त तक अनशन की धार कमजोर होने लगी और अब हालत यह है की आन्दोलन केजरीवाल और प्रशांत , सिसोदिया की राजनैतिक हवस का शिकार हो गया ! अन्ना का जग में नाम हो गया लेकिन जनता का भटकाव हो गया ! अब गाव शहरों मे बाते होने लगी हैं होने वाला कुछ नही ! जनता में ये धारणा हावी होने लगी है ! लेकिन इस पूरे खेल में देश की जनता ने बहुत कुछ खोया है और मीडिया से लेकर टीम अन्ना ने नाम कमाया है ! लेकिन फिर भी इतना कहूंगा अन्ना अपनी टीम को bhng कर रामदेव के sang रावण की सुंडी पर nishana साधे तो भीड़ फिर जुटेगी देशभक्तों की महफ़िल फिर सजेगी देशभक्तों की !
जय हिंद

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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

bharodiya के द्वारा
July 29, 2012

जब किसी पर बार बार बलात्कार होता है तो पिडित भी मजे लेने लगता है । जनता रानी का भी यही हाल है । भ्रष्ट तंत्र बलात्कार पर बलात्कार किए जा रहा है और जनता रानी अब मजे लेने लगी है । कब तक लेगी । प्रसव वेदना के लिए भी तयार रहना है । अब तो अन्नाजी के पास एक ही रास्ता है । ठिक तरिके से प्रसव कराए और एक नए पक्ष का जनम दिलवाए ।

    vikasmehta के द्वारा
    July 29, 2012

    bhrodiya जी namskar kai dino में lota hoo or apki prtikariya pakar accha laga ……..mai lgatar shuru से likhta aa rahaa hoo ki टीम अन्ना में इच्छा shakti nhi है or iski bagdor kisi or ke haath में है aap उन haatho को amerika कहे या फिर सेकोलर गैंग वह गैंग जो भारत में झूठी dharmnirpekshta को थोपता है बस इस टीम में अन्ना हजारे जी सही थे लेकिन जैसी संगत वैसी रंगत सो उनमे भी इच्छा सकती कमजोर हुई है ! अब तो बाबा से उम्मीदे बची है लेकिन वह भी तब तक जब तक वह इस टीम से दूर रहे

    dineshaastik के द्वारा
    July 30, 2012

    विकास जी, सादर नमस्कार। मेरा मानना है कि बाबा रामदेव जी एवं अन्ना हजारे यानि टीम अन्ना के इरादे नेक हैं। तरीके एक हैं। रास्ते भी एक ही तरह के हैं। महात्वाकाँक्षायें भी एक हैं। किन्तु वर्तमान परिवेश में किसी आन्दोलन के सफल एवं अलफल होने का मापदण्ड  केवल भीड़ नहीं हो सकता। बल्कि आन्दोलन कारियों का उद्देश्य एवं समर्पण भाव होता है। जो दोंनो में है। आपका अन्ना टीम पर आरोप लगाना, निष्पक्षता एवं न्यायिक नहीं  कहा जा सकता। यह अन्ना के साथ नहीं अपितु जनता के साथ अन्याय होगा। इस  भष्टाचारी व्यवस्था को न तो अकेले रामदेव जी समाप्त कर सकते हैं और न ही अन्ना टीम। इन दोनों के अलावा पूर्व सेना अध्यक्ष जैसे ईमानदार लोंगो को भी संगठित होकर प्रयास करना होंगे। मुझे डर है कि केवल अपनी महात्वाकाँक्षाओं के चलते दोंनो, बाबा रामदेव एवं अन्ना टीम केवल काला धन एवं भ्रष्टाचार तक ही सिमिट सत्ता पर काविज होकर उसी भ्रष्ट व्यवस्था के अंग बन जायें। मैं देखता हूँ व्यवस्था परिवर्तन की जोरदार तरीके से कोई बात नहीं करता। दोंनो ही बड़े सुनियोजित तरीके से अपनी महात्वाकांक्षा  पूरी करना चाहते हैं। यह मेरा अपना विश्लेषण है, हो सकता है कि निराधार हो। हार्दिक इच्छा भी है कि यह निराधार ही हो। अपनी इस धारणा के बात भी मैं इन दोनों आन्दोलनों से जुडा हूँ और दोनों का नैतिक समर्थन भी करता हूँ।  

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
July 29, 2012

विकास जी, सप्रेम नमस्कार!………आप ने ठीक ही कहा जनता दिग्भ्रमित होकर किम्कर्ताव्यविमूढ़ हो चुकी है !उसकी हालत साँप- छछूंदर वाली है ! आप के विचारों से मैं पूर्ण सहमत हूँ ! सधन्यवाद !!

    vikasmehta के द्वारा
    July 29, 2012

    विजय जी सहमती के लिए धन्यवाद सहयोग बनाये रखिये

pritish1 के द्वारा
July 28, 2012

समय है जागरण का….अनशन से ऊपर हैं हमारे उद्देश्य…..9 अगस्त सरकार और भ्रस्ट व्यवस्था को अनशन से अंतिम चेतावनी………दिल्ली चलो……..अब रण होगा …….जय हिंद जय भारत जय भारत स्वाभिमान……..अवश्य पढें…… http://pritish1.jagranjunction.com/2012/07/28/sarfaroshi-ki-tamanna-ab-hamare-dil-main-hai/

    vikasmehta के द्वारा
    July 29, 2012

    प्रतिष् जी सहमत हूँ बिलकूल …अब रण होगा

Chandan rai के द्वारा
July 28, 2012

मित्र , यह अनशन का अनुशंधान अन्ना टीम की पुनर्स्थापना और लोगो की बीच अपनी आत्मीयता को पुनर स्थापित कर रहा है ,और इसकी स्थापना में अरविन्द केजरीवाल का अनशन करना जनता को अन्ना के बाद एक नए अपनत्व का बोध करायगा ! यह आन्दोलन अन्ना टीम के अन्य सदस्यों और जनता के बीच एक गहन आत्मीयता के रूप में चिन्हित होगा ! और वैसे भी हर नए काम में वक़्त तो लगता है ना ! आप देखेंगे की आने वाले दिनों में ये चिंगारी आग बन जायेगी !

    vikasmehta के द्वारा
    July 28, 2012

    chndan rae ji is anshan se desh koi koi fayda nhi hoga balki is desh ko ek sekoolr parti or milegi jiska jugad shree kejrival kar rahe hain

s.p.singh के द्वारा
July 27, 2012

प्रिय विकाश मेहता जी भाई आप कुछ अन्याय कर रहे है टीम अन्ना पर मेरी जानकारी के अनुसार वह यत्न तो बहुत कर रहे है पर उनसे कुछ हो नहीं रहा है शारीर ही साथ नहीं दे रहा है बेचारे करे तो क्या करे – धन्यवाद. कृपया इस पर भी ध्यान दे. http://sohanpalsingh.jagranjunction.com/2012/07/27/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b9/


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