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केजरीवाल मुद्दा मत भटकाओ !

Posted On: 26 Aug, 2012 Others में

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दोस्तों देश इस समय नाजुक दोर से गुजर रहा है दंगो की आग ne देश को हिला कर रख दिया है ! देश की जनता अलग अलग राज्यों में जाने को भागने को मजबूर हो रही है ! भय , दहशत का माहोल बंगलादेशी घुसपैठियों की देन है लेकिन भावनाओं में बहकर देश का मुसलमान भी धर्म के नाम पर आगजनी कर रहा है utpaat मचा रहा है !! आसाम , के बाद मुंबई , लखनऊ , हैदराबाद सभी जगहों पर आगजनी पथराव की बाढ़ सी आ गयी ! जिसकी वजह से bhusnkhyak समाज निहत्था सा हो गया है और शायद लाचार और अकेला भी ! चुकी जिन लोगो से उसे उम्मीद थी की वे उसकी आवाज को उठाएंगे वे अपनी राजनीति रोटिया सकने में व्यस्त हैं ! मेरा इशारा उन लोगो की तरफ है जो खुद को देश का सबसे बड़ा रहनुमा कहते हैं यानि केजरीवाल और महात्मा अन्ना हजारे ! जहा केजरीवाल महाशय कोयले घोटाले पर प्रदर्शन , गिरफ्तारिया देकर अपने आपको सुर्खियों मे लाना चाहते हैं वही खुद को महात्मा की रेस में लाने वाले श्री अन्ना हजारे साहब के मुख पर भी इन हिंसाओ के खिलाफ बोलने पर ताला लगा है ! लेकिन सवाल उठता है की क्या अब इस देश में भ्रष्टाचार और जन्लोक्पाल , ही मुद्दा रह गया है ! या फिर केजरीवाल और टीम अन्ना की यह चाल है देश का ध्यान असम दंगो से हटाने के लिए ? अथवा भर्ष्टाचार के आंदोलनों को हवा देकर और कोंग्रेस को गरियाकर केजरीवाल और टीम अन्ना खुद को विपक्षी पार्टियों से बेहतर दिखाना चाहती है जिसका लाभ उसे चुनावों में मिल सके ? सवाल सबसे गम्भीर यह है की क्या केजरीवाल का कोई गुप्त एजेंडा है जिसके तहत वह ठीक उस समय भर्ष्टाचार का मुद्दा उठा रहे हैं जिस समय देश में भय , दहशत और अस्थिरता का माहोल है वही ठीक इस समय देश की बहुसंख्यक aabadi में तेजी से जागरूकता भी आ रही है ! लेकिन सवाल सबसे गम्भीर यह है की केजरीवाल किसके हाथो की कठपुतली हैं चुकी एक बार पहले भी ये जनाब बाबा रामदेव के काले धन के मुद्दे को kamjor करने का काम कर chuke हैं और अब फिर से hinduo को सुलाने के लिए हाजिर हैं !

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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Dalton के द्वारा
October 17, 2016

Articles like this really grease the shafts of kneodelgw.

ashishgonda के द्वारा
September 10, 2012

मित्र! मुझे आदरणीय दिनेशजी की बातें विचार योग्य लगती हैं….

dineshaastik के द्वारा
August 28, 2012

विकास जी, इस तरह के मिथ्या आरोप लगाने का क्या औचित्य। जिस तरह आप अन्ना जी एवं केजरीवाल जी पर आरोप लगा रहे हैं उसी तरह आप पर भी आरोप लगाया जा सकता है कि इस तरह  के आरोप लगाकर भ्रष्टाचार के मुद्दे को कमजोर करना चाहते हैं। क्षमा करना आपकी सोच अतार्किक एवं पूर्णतः दूषित है। मैं अन्ना जी और केजरीवाल का न तो भक्त हूँ और न समर्थक हूँ। हाँ उनके मुद्दे  का जरूर समर्थन करता हूँ। मुझे लगता है कि केजरीवाल की टीम ही व्यवस्था परिवर्तन के द्वारा भष्ट व्यवस्था से देश को मुक्ति दिला सकते हैं। इनके अतिरिक्त अन्य कोई भी व्यवस्था परिवर्तन की बात नहीं करता।  हाँ आदरणीय राजीव जी जरूर इस विषय में बात करते थे किन्तु राजनैतिक  महत्वकाँक्षा के कुचक्रों के कारण रहस्यमय ढंग से उनकी मृत्यु के साथ ही  व्यवस्था परिवर्तन की महिम मंद पड़ गई थी। आपको भ्रमित किया गया है। कृपया भ्रमित करने वाले संगठन के मुक्त होइये। और व्यवस्था परिवर्तन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दीजिये।

akraktale के द्वारा
August 27, 2012

विकास जी                 नमस्कार, मैं नहीं समझ पाया कि आप केजरीवाल को मुस्लिम उत्पात और हिंसा से कैसे जोड़ रहे हैं. क्योंकि अन्ना और उसकी टीम का उद्देश्य भ्रष्टाचार से लड़ना है और यदि वे इस मुद्दे से भटक कर अन्य मुद्दों पर भी बोलेंगे तो इसे अन्यथा लिया जाएगा. हाँ यह बात सही है कि टीम अन्ना में अब एक मत नजर नहीं आता इस कारण बिखराव नजर आने लगा है. और इस बिखराव ने अब अन्ना प्रभाव को लगभग खत्म सा कर दिया है. यदि ऐसी ही परिस्थितियाँ रही तो इनकी राजनैतिक पार्टी यदि बनी भी तो वे एक भी सीट जीत सकेंगे इसका विश्वास नहीं है.


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